
शोहरतगढ़। शोहरतगढ़ रेलवे स्टेशन कहने के लिए आदर्श स्टेशन है, लेकिन यात्रियों को स्टेशन पर मिलने वाली सुविधाएं न के बराबर हैं। शोहरतगढ़ स्टेशन पर यात्रियों को पानी पीने के लिए उचित व्यवस्था नहीं है। दूसरे प्लेटफाॅर्म पर छाजन भी उचित नहीं है। मॉडल स्टेशन का नाम तो दे दिया गया, लेकिन प्लेटफार्म नंबर एक पर एक वाटर कूलर यात्री प्यास बुझा रहे हैं। जल्दी के चक्कर में यात्री वाटर कूलर की तलाश करते हैं, लेकिन उनकी पहुंच से दूर होने कारण टोटी वाला गर्म पानी पीने के लिए मजबूर हो जाते हैं।
शोहरतगढ़ से लगभग प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्री ट्रेन से सफर करते हैं। शोहरतगढ़ रेलवे स्टेशन पर कई एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टाप है। इस प्लेटफार्म उतरने वाला यात्री जब तक प्लेटफार्म नंबर एक पर नहीं पहुंचेगा, तबतक उसे पानी पीने के लिए नहीं मिल सकता। स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर लगी टोटी खराब हैं। वहां उचित छाजन की व्यवस्था भी नहीं है। उस प्लेटफार्म से ट्रेन बैठने व ट्रेन से उतरने वाले यात्री इस कड़ी धूप का सामना करना पड़ता है। उस तरफ के यात्री पुल पार करके प्लेटफार्म नंबर दो पर पानी पीने के लिए आना पड़ा है, जिससे उनको पुल से उतरने व चढ़ने में दिक्कत होती हैं।
खास कर 50 या 60 के उम्र वालों को बहुत ही परेशानी होती है। यात्री विमलेश, अजय, किसलावती, सुमन, अमृता, विमलावती, मुकेश आदि ने बताया कि शोहरतगढ़ स्टेशन पर कोई भी सुविधा ठीक-ठाक नहीं है। स्टेशन परिसर में दो शौचालय बनाए गए है। दोनों बंद रहता है, जिससे यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। स्टेशन पर लगे टोटी में गर्म व खारा पानी आता हैं। वॉटर कूलर कभी चलता है, तो कभी नहीं चलता है।
प्लेटफार्म नंबर दो पर उचित पानी पीने की व्यवस्था नहीं है। दो टोटी में एक खराब है जबकि दूसरे से पानी निकल रहा है। लेकिन छाजन नहीं होने से कड़ी धूप में ट्रेन का इंतजार करना बहुत मुश्किल हो रहा है।
यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन पर ठंडा पानी, बेहतर शौचालय, टूटे हुए टोटी की मरम्मत करवाने और प्लेटफाॅर्म पर छाजन बढ़ाने के उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया। विभाग की स्वीकृति मिलने के बाद ही स्टेशन पर विभाग द्वारा कार्य करवाया जाएगा।

